- स्टॉक: स्टॉक में है
- मॉडल: Jawarish-e-Tamar-08
उपलब्ध विकल्प
🌿 उत्पाद विवरण:
✅ पाचन समस्याओं से राहत – दस्त और मतली को नियंत्रित करने में सहायक।
🌱 पित्त प्रवृत्ति को संतुलित करता है – अधिक पित्त वाले लोगों को शीतल राहत देता है।
🩺 पेट और यकृत को सहारा – पाचन को मजबूत करता है और यकृत की कार्यक्षमता सुधारता है।
🍽️ भूख बढ़ाता है – स्वस्थ भूख को प्रोत्साहित करता है और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है।
🌞 गर्मी में लाभकारी – विशेषकर गर्मियों और हैजा के समय में उपयोगी।
🌿 मुख्य घटक:
🌴 इमली – शरीर को ठंडक प्रदान करती है, मतली कम करती है और पाचन में सहायक है।
🌱 रेवंद चीनी (रबार्ब) – यकृत स्वास्थ्य को सहारा देता है और पित्त स्राव को नियंत्रित करता है।
🌸 बादियान (सौंफ) – भूख बढ़ाती है, गैस व पेट फूलने से राहत देती है और पाचन को शांत करती है।
🍃 फिलफिल स्याह (काली मिर्च) – मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करती है।
🌿 आंवला – विटामिन C से भरपूर, प्रतिरक्षा को मजबूत करता है और शरीर को ठंडक देता है।
🌱 अन्य यूनानी जड़ी-बूटियाँ – सामूहिक रूप से पित्त को संतुलित करती हैं, पाचन सुधारती हैं और स्वास्थ्य बहाल करती हैं।
🌟 मुख्य विशेषताएँ:
💧 दस्त और मतली को नियंत्रित करता है – पेट की असुविधा से त्वरित राहत देता है।
🌱 पित्त प्रवृत्ति को संतुलित करता है – अतिरिक्त पित्त और उससे जुड़ी समस्याओं को कम करता है।
🩺 पेट और यकृत को सहारा – पाचन शक्ति और यकृत स्वास्थ्य को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाता है।
🍽️ भूख बढ़ाता है – स्वस्थ भूख को प्रोत्साहित करता है और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है।
🌞 गर्मी में लाभकारी – विशेषकर गर्मियों और हैजा के समय में उपयोगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न 1. यह क्या है?
👉 एक पारंपरिक यूनानी हर्बल फार्मूला जो दस्त, मतली को नियंत्रित करता है और पेट व यकृत को सहारा देता है।
प्रश्न 2. इसके मुख्य लाभ क्या हैं?
👉 💧 दस्त और मतली से राहत
👉 🩺 पेट और यकृत को मजबूत बनाए
👉 🍽️ भूख बढ़ाए
👉 🌞 गर्मियों और हैजा के समय में उपयोगी
प्रश्न 3. क्या यह सुरक्षित है?
👉 हाँ, यह प्राकृतिक यूनानी जड़ी-बूटियों से बना है और चिकित्सक की सलाह अनुसार सुरक्षित है।
प्रश्न 4. इसे कौन ले सकता है?
👉 वे वयस्क जिन्हें पाचन संबंधी परेशानी, मतली या पित्त से जुड़ी समस्या हो।
प्रश्न 5. इसे कैसे लेना चाहिए?
👉 5–10 ग्राम दिन में दो बार, गुनगुने दूध या पानी के साथ (चिकित्सक की सलाह अनुसार)।